गजल

ये दिले बेकरार बाक़ी है ज़िन्दगी का खुमार बाक़ी है वक्त ने ख़्वाब सारे तोड़ दिए डूबी कश्ती , सवार…

गजल

ख़ाली- ख़ाली नगर ही लगता है अजनबी हर बशर ही लगता है जब घिरे हों उदासियों में तो मुस्कुराना हुनर…

गजल

ज़ख्म जिसने दिए आज घायल वही मानता जो न था अब है कायल वहीं ग़म का बादल जो बरसा था…

गजल

मंजिलों से जुदा हो गए रास्ते जब खफा हो गए   नर्म हो कर झुके जब कभी लोग सारे ख़ुदा…

गजल

1 गुमसुम लम्हें  सन्नाटे गहरे जाएं तो जाएं कहाँ उस पर बैठे यादों के पहरे जाएं तो जाएं कहाँ  …